बिहार बोर्ड 2025: फेल छात्रों को ग्रेस मार्क्स से पास होने का मौका! 🎉
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2025 की मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा को लेकर एक राहत भरी खबर दी है। अगर कोई छात्र एक या दो विषयों में पासिंग मार्क्स से थोड़ा पीछे रह जाता है, तो उसे ग्रेस मार्क्स (अतिरिक्त अंक) देकर पास किया जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो और उन्हें दोबारा परीक्षा देने की जरूरत न पड़े।


ग्रेस मार्क्स क्या होता है? 🤔
ग्रेस मार्क्स का मतलब है कि अगर कोई छात्र पास होने के लिए थोड़े नंबर कम लाता है, तो बोर्ड उसे कुछ अतिरिक्त नंबर देकर पास कर देता है। उदाहरण के लिए, अगर पास होने के लिए 33 अंक चाहिए और किसी को 30 अंक मिले, तो बोर्ड उसे 3 नंबर का ग्रेस देकर पास कर सकता है।
किन छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिलेगा? ✅
बिहार बोर्ड के नियमों के अनुसार, कुछ खास स्थितियों में ही ग्रेस मार्क्स दिया जाता है:
- अगर किसी छात्र को एक या दो विषयों में 8% तक नंबर कम हैं, तो उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास किया जाएगा।
- अगर किसी छात्र का कुल प्रतिशत 2% से कम है, तो उसे ग्रेस देकर उसका प्रतिशत बढ़ाया जाएगा।
- अगर कोई छात्र सिर्फ एक विषय में 10% तक नंबर कम लाता है, तो उसे भी ग्रेस देकर पास किया जाएगा।
📌 महत्वपूर्ण: यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए होगी जो थोड़े अंकों से फेल हो रहे हैं। बहुत कम नंबर वालों को इसका फायदा नहीं मिलेगा।
📚 बिहार बोर्ड 2025: जानें हर विषय में पास होने के लिए जरूरी अंक और ग्रेस मार्क्स की सीमा! 🎯
| विषय (Subject) | कुल अंक (Total Marks) | पासिंग मार्क्स (Passing Marks) | ग्रेस मार्क्स से पासिंग (With Grace Marks) |
|---|---|---|---|
| हिंदी (Hindi) | 100 | 33 | 30+3 |
| अंग्रेजी (English) | 100 | 33 | 30+3 |
| गणित (Math) | 100 | 33 | 30+3 |
| विज्ञान (Science) | 100 | 33 | 30+3 |
| सामाजिक विज्ञान (Social Science) | 100 | 33 | 30+3 |
| वैकल्पिक विषय (Optional Subject) | 100 | 33 | 30+3 |
📌 नोट:
- पास होने के लिए 33 अंक जरूरी होते हैं।
- अगर किसी छात्र को 30 अंक मिलते हैं, तो 3 ग्रेस मार्क्स देकर पास किया जा सकता है।
- एक या दो विषयों में ग्रेस मार्क्स का फायदा मिल सकता है।
ग्रेस मार्क्स से कितने छात्र पास हो सकते हैं? 📊
हर साल बिहार बोर्ड हजारों छात्रों को ग्रेस मार्क्स देकर पास करता है।
✅ 2024 में लगभग 2 लाख छात्र ग्रेस मार्क्स से पास हुए थे।
✅ 2025 में यह संख्या बढ़ सकती है, जिससे और अधिक छात्रों को फायदा मिलेगा।
ग्रेस मार्क्स देने का मकसद यही है कि जिन छात्रों ने मेहनत की है, वे सिर्फ कुछ नंबरों की वजह से फेल न हों।
ग्रेस मार्क्स मिलने की प्रक्रिया क्या होगी? 📝
बिहार बोर्ड रिजल्ट जारी करने के बाद यह तय करेगा कि किन छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ इस तरह होगी:
1️⃣ रिजल्ट तैयार होगा और फेल छात्रों की लिस्ट बनेगी।
2️⃣ बोर्ड तय करेगा कि किन्हें ग्रेस मार्क्स मिल सकते हैं।
3️⃣ ग्रेस मार्क्स जोड़ने के बाद नया रिजल्ट अपडेट होगा।
4️⃣ छात्र अपना फाइनल रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
➡ ध्यान दें: ग्रेस मार्क्स अपने आप रिजल्ट में जुड़ जाएंगे। इसके लिए छात्रों को कोई आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी।
ग्रेस मार्क्स से पास होने के फायदे 🎯
✅ छात्रों का साल बर्बाद नहीं होगा।
✅ उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी।
✅ उनका आत्मविश्वास बना रहेगा और वे आगे की पढ़ाई कर सकेंगे।
✅ माता-पिता और शिक्षकों पर भी कम दबाव रहेगा।
बिहार बोर्ड रिजल्ट 2025 कब आएगा? 📅
बिहार बोर्ड आमतौर पर मार्च या अप्रैल में रिजल्ट जारी करता है। ग्रेस मार्क्स की प्रक्रिया रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद शुरू होगी।
📌 महत्वपूर्ण: रिजल्ट के बाद छात्र अपना अंकपत्र ऑनलाइन देख सकते हैं और यदि ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं, तो वे उसमें शामिल होंगे।
कैसे चेक करें अपना रिजल्ट? 📲
बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट:
🌐 http://biharboardonline.bihar.gov.in
रिजल्ट देखने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:
1️⃣ वेबसाइट खोलें।
2️⃣ “रिजल्ट” सेक्शन पर क्लिक करें।
3️⃣ अपना रोल नंबर और रोल कोड डालें।
4️⃣ रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
5️⃣ डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लें।
अगर फिर भी फेल हो जाएं तो क्या करें? 😓➡😊
अगर ग्रेस मार्क्स मिलने के बाद भी कोई छात्र फेल हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बिहार बोर्ड छात्रों को और भी विकल्प देता है:
✅ सप्लीमेंट्री (कंपार्टमेंटल) परीक्षा:
- छात्र उन विषयों की दोबारा परीक्षा दे सकते हैं जिनमें वे फेल हुए हैं।
- कंपार्टमेंटल परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी किया जाता है ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।
✅ स्किल कोर्स:
- जो छात्र बार-बार फेल हो रहे हैं, वे कोई स्किल बेस्ड कोर्स कर सकते हैं जैसे आईटीआई, डिप्लोमा आदि।
✅ दोबारा परीक्षा:
- अगर कोई छात्र अच्छे नंबरों से पास होना चाहता है, तो वह अगले साल फिर से परीक्षा दे सकता है।
निष्कर्ष ✨
बिहार बोर्ड का यह नियम छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। अगर कोई छात्र मेहनत करने के बावजूद कुछ अंकों से फेल हो जाता है, तो उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास किया जाएगा। इससे छात्रों को राहत मिलेगी और उनका साल खराब नहीं होगा।
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🚀 अगली परीक्षा के लिए शुभकामनाएं! 🎯🎉